जीवन में सारà¥à¤¥à¤• रूपांतरण करने वाला पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® है आनंदमॠ- कà¥à¤²à¤ªà¤¤à¤¿
उदयपà¥à¤°à¥¤ सà¥à¤–ाड़िया विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में आनंदम पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की à¤à¤• दिवसीय पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ आनंद पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ का आयोजन किया गया। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि उचà¥à¤š à¤à¤µà¤‚ तकनीकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤à¤¾à¤— की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शासनसचिव डॉ. शà¥à¤šà¤¿ शरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि आनंदम à¤à¤• ईशà¥à¤µà¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से जनà¥à¤®à¤¾ à¤à¤• विचार है जो छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को आननà¥à¤¦ की सहज मानवीय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखने वाला है। इसका किसी संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ या राजनीति से कोई संबंध नहीं है। यह कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ कोरà¥à¤Ÿ के रूप में पूरे राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में लागू कर दिया गया है और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बांटने और खà¥à¤¶ रहने के के लिठबनाया गया है। मैतà¥à¤°à¥€, करà¥à¤£à¤¾, सहृदयता, सृजनता और नेतृतà¥à¤µ के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ं का इससे विकास होगा। सामाजिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की समठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलकर सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ में छातà¥à¤° सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपनी à¤à¥‚मिका तय करेंगे। कà¥à¤²à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‹. अमेरिका सिंह ने अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ करते हà¥à¤ कहा कि सà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¿ में यह पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीके से लागू किया गया है। विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ समूह और शिकà¥à¤·à¤• सà¤à¥€ मन लगाकर इस पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के संचालन में पहल कर रहे हैं। आनंदमॠकोरà¥à¤¸ में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को रोजाना à¤à¤²à¤¾à¤ˆ का काम करके उसे दैनिक डायरी में दरà¥à¤œ करना होता है तथा समूह में कोई सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• सेवा पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ पर काम करना होता है। पà¥à¤°à¥‹. सिंह ने विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ की ओर से केमà¥à¤ªà¤¸ में पढ रहे नियमित छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को आनंदमॠडायरी देने और गà¥à¤°à¥à¤ª à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ में शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ परियोजना को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत करने की à¤à¥€ घोषणा की। सà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¿ आननà¥à¤¦à¤®à¥ परामरà¥à¤¶ समिति का गठन करने का à¤à¥€ निरà¥à¤£à¤¯ लिया।
विशिषà¥à¤Ÿ अतिथि पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤ªà¤¿à¤¤à¤¾ बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤•à¥à¤®à¤¾à¤°à¥€ विवि के शिकà¥à¤·à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤®à¥à¤– डॉ. बीके मृतà¥à¤¯à¥à¤žà¥à¤œà¤¯ ने छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के जीवन में सदाचार शांति और पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ के मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास पर चरà¥à¤šà¤¾ की। विशिषà¥à¤Ÿ अतिथि डॉ. नीलिमा खेतान ने गà¥à¤°à¥à¤ª à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ में कारपोरेट सीà¤à¤¸à¤†à¤° तथा गैरसरकारी संगठनों की à¤à¥‚मिका और समनà¥à¤µà¤¯ के बारे में बताया।
सà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¿ आननà¥à¤¦à¤®à¥ निदेशक पà¥à¤°à¥‹. नीरज शरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि परीकà¥à¤·à¤¾à¤«à¤¾à¤°à¥à¤® में वारà¥à¤·à¤¿à¤• योजना में आनंदमॠका पà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤•ल पेपर 100 नमà¥à¤¬à¤° का और सेमेसà¥à¤Ÿà¤° में 50 या 2 कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ का होगा। इस साल सà¤à¥€ कोरà¥à¤¸à¥‡à¤œ के फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ सेमेसà¥à¤Ÿà¤° या फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ ईयर में चलेगा और अगले सालों में कà¥à¤°à¤® से लागू होता रहेगा। सà¥à¤µà¤¯à¤‚पाठी छातà¥à¤°à¥‹ के लिठयह कोरà¥à¤¸ पेपर जरूरी नहीं होगा।
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